बुधवार, 22 मई 2013

जइसन ल तइसन

              

जइसन ल तइसनहम कहिथन कइसन,
फेर लगते हे हमार सरकार ल नई भावय अइसन ।

    कोनो हमर मुडी काटय,
    अऊ हमन देखन कऊवां कुकुर असन,
    भुकत हन ये तुहरे करे, ये तुहरे करे
    फेर दुश्मन चलत हे हाथी असन ।

बहुत होगे अब चाबे नइ सकत त एक  बेर तो फुफकार,
कही दे एक  बेर सौ सुनार के त एक  बेर लुहार ।

    अभी कुछु नई कर सकेन त
    हमार पिढी ला का सिखाबो,
    दुश्मन काटे मुडी दु चार त
    एक एक करके हमन मुडी ल दताबो ।
................‘‘रमेश‘‘........................