मंगलवार, 18 जून 2013

छत्तीसगढ़ी



अरे पगली,
मै होगेव पगला,
तोर मया म ।

तोर सुरता,
निंद भूख हरागे,
मया म तोर ।

रात के चंदा,
चांदनी ल देखव,
एकटक रे ।

कब होही रे,
मया संग मिलाप ,
गुनत हव ।

मया नई हे,
गोरी के अंतस म,
सुर्रत हव ।

एक नजर,
देख तो मोरो कोती,
मया के संगी ।


....‘रमेश‘...

शनिवार, 15 जून 2013

मिलईया हे मोला पगार

गुतुर गुतुर भाखा बोलय,
अंतस म मधुरस घोलय,
मोर सुवारी करे सिंगार,
मिलईया हे मोला पगार ।

कईसे लगहूं जी कहू होही,
कान म खिनवा, कनिहा म करधनिया,
अऊ गर म होही सोनहा हार,
मिलईया हे मोला पगार ।

फलनिया ह बनवाय हे,
मोरो मन ललचाय हे,
पूरा कर दौ ना जी मोरो साध,
होही तुहार बड़ उपकार,
मिलईया हे मोला पगार ।

ददा गो कापी पेन सिरागे हे,
स्कूल के फिस ह आगे हे,
लइकामन करत हे पुकार,
मिलईया हे मोला पगार ।

मोर स्कूल बस्ता ह चिरागे हे,
पेंट कुरता ह जुन्नागे हे,
लइकामन करत हे मनुहार,
मिलईया हे मोला पगार ।

रंधनही कुरीया ह चिल्लावत हे,
घेरी घेरी चेतावत हे,
सिरागे हे चाऊर दार,
मिलईया हे मोला पगार ।

पाछू महिना बड़ सधायेंव,
अपन बर मोटर साइकिल ले आयेंव,
दुवारी म खड़े हे लगवार,
मिलईया हे मोला पगार ।

का करव कइसे करव कहिके गुनत हव,
अपने माथा ल अपने हाथ म धुनत हव,
काबर एतके तनखा देते सरकार,
मिलईया हे मोला पगार ।
.......‘‘रमेश‘‘...........

सोमवार, 3 जून 2013

अब कहां लुकागे


मया प्रित के बोली,
तोर हसी अऊ ठिठोली,
अब कहां लुकागे.........
तोला देखे के बड़ साध,
ओधा बेधा ले रहंव मै ताक,
ओ तकई,
अब कहां लुकागे ..........
कनेखी आंखी ले तोर देखई,
संग म सुघ्घर तोर मुच मुचई,
ओ मुच मुचई,
अब कहां लुकागे ........
ओ छुप छुप के मिलई
मया मा  खिलखिलई,
ओ खिलखिलई
अब कहां लुकागे.........
तोर संग जीना अऊ संग मरना,
तोर संग रेंगना अऊ संग घुमना,
ओ घुमई ,
अब कहां लुकागे............
तोर रूठना
मोर मनाना
ओ मनई
अब कहां लुकागे.........
बिहाव करे हन के पाप
का ये होगे हे अभिषाप,
हाय रे रात दिन के कमई
 ओ दिन
अब कहां लुकागे.......
लइका मन गे हे बाढ़,
चिंता मुड़ी म गे हे माढ
लइकामन संग खेलई,
अब कहां लुकागे..................
लइका मन ल पढ़ाना हे लिखाना हे,
जिनगी ल जिये बेर कुछु बनाना हे,
हमर बनई,
अब कहां लुकागे ...............
जिये बर जियत हन,
मया घला करत हन
चिंता म चिचीयावत हन,
अपन गीत कहां गावत हन,
हमर मया प्रित के गीत,
ओ गुनगुनई,
अब कहां लुकागे.......