शुक्रवार, 17 अप्रैल 2015

कतका दुख के बात हे

कतका दुख के बात हे, नैतिकता ह सिराय ।
आत्म सम्मान बेच के, फोकट ला सब भाय ।।
फोकट ला सब भाय, लबारी बोलय मनखे ।
ले सरकारी लाभ, गैर जरूरत मंद चखे ।।
लचार जरूरत मंद, इहां तो खाते भटका ।।
जनता नेता चोर, इहां भरगे हे कतका ।।
-रमेश चौहान