बुधवार, 29 अप्रैल 2015

धन धन वो दाई ददा

धन धन वो दाई ददा, धन धन ओखर भाग ।
धन वो बेटी बेटवा, लगे न जेमा दाग ।।
लगे न जेमा दाग, केरवछ भीतर रहि के ।
धरे जेन संस्कार, मार फेसन के सहि के ।।
होत जेखर बिहाव, खुशी तो मनाय जन जन ।
उड़हरिया गे भाग, लोग सब कहय ग धन धन ।।