शुक्रवार, 12 जून 2015

लइका हा लइका रहय

लइका हा लइका रहय, कोन रखे हे ध्यान ।
बांधे हे छोटे-बड़े, लइकापन के मान ।।
लइकापन के मान, हवय खेले कूदे मा ।
पढ़ई लिखई के नाम, बांध दे हें खूटा मा ।
पढ़ बाबू दिन-रात, बचा इज्जत के फइका ।
अव्वल तै हर आंव, कहे सब मोरे लइका ।।