शुक्रवार, 31 जुलाई 2015

गीत सुंदर कांड के-2

जा जा गा पवन सुत 4
हवस तहीं हा राम दूत, राम बर ले हस अवतार
हवस तहीं हा राम दूत, राम बर ले हस अवतार गा
जा जा गा पवन सुत 4

सागर करत हे लहर लहर, कोने जावे आघू डहर
सागर करत हे लहर लहर, कोने जावे आघू डहर
तोरे बिना हे बजरंग, होगे हवन हमन अधर
कोने लावय सीता के खबर, जा जा गा पवन सुत 4

हवस तहीं हा राम दूत, राम बर ले हस अवतार
हवस तहीं हा राम दूत, राम बर ले हस अवतार गा
जा जा गा पवन सुत 4

मनावत कहत हवे जामवंत, उठव उठव गा हनुमंत
मनावत कहत हवे जामवंत, उठव उठव गा हनुमंत
तोरे असन तो ये जग मा, कहां हवय कोनो बलवंत
बानर दल के हस तही कंत, जा जा गा पवन सुत 4

हवस तहीं हा राम दूत, राम बर ले हस अवतार
हवस तहीं हा राम दूत, राम बर ले हस अवतार गा
जा जा गा पवन सुत 4

बिसरे बल के कर ले सुरता, लइकापन के अपन बिरता
बिसरे बल के कर ले सुरता, लइकापन के अपन बिरता
अंग अंग मा तोरे भरे हे बल, जावव झन ये हा अबिरथा
दे दे अब हमला धीरजा, जा जा गा पवन सुत 4

हवस तहीं हा राम दूत, राम बर ले हस अवतार
हवस तहीं हा राम दूत, राम बर ले हस अवतार गा
जा जा गा पवन सुत 4