शुक्रवार, 24 जुलाई 2015

ना नर गरू ना नार

नारी ले नर होत हे, नर ले होये नार ।
नर नारी के मेल ले, बसे हवे संसार ।।
बसे हवे संसार, कदर हे एक बराबर ।
ना नर गरू ना नार, अहम के झगरा काबर ।।
अहम वहम तैं मेट, मया ला करके भारी ।
नारी बिन ना मर्द, मर्द बिन ना नारी ।।