मंगलवार, 7 जुलाई 2015

पइसा धरे खरीद

दुनिया के हर चीज ला, पइसा धरे खरीद ।
कहिथे गा धनवान मन, हाथे धरे रसीद ।।
हाथ धरे रसीद, कहे मनखे तक बिकथे ।
नैतिकता ला आज, जगत मा कोने रखथे ।।
सुनलव कहय ‘रमेश‘, मया तो हे बैगुनिया ।
दया मया भगवान, बिके ना कोनो  दुनिया ।।
-रमेश चौहान