मंगलवार, 4 अगस्त 2015

गीत सुंदर कांड के-4

खोजन लागे हनुमान, खोजन लागे हनुमान
लंका के घर-घर मा सीता ला खोजन लागे
खोजन लागे हनुमान, लंका के घर-घर मा सीता ला खोजन लागे
खोजन लागे हनुमान, लंका के घर-घर मा सीता ला खोजन लागे

चोरहा रावण सीता ला कती राखे गा
चोरहा रावण सीता ला कती राखे गा
ये कती राखे हे गा, ये कती राखे हे गा
कती राखे गा, कती राखे गा
मोरे रामे के सीता ला, मोरे रामे के सीता ला
मोरे रामे के सीता ला कती राखे ना
सीता ला खोजन लागे
खोजन लागे हनुमान, लंका के घर-घर मा सीता ला खोजन लागे

रावण के राजेमहल मा सीता हवय का
रावण के राजेमहल मा सीता हवय का
ये सीता हा हवय का, ये सीता हा हवय का
सीता हवय का, सीता हवय का
सीता होही दुखयारी, सीता होही दुखयारी
होही कोनो आन, ये सीता नई लागे

सीता ला खोजन लागे
खोजन लागे हनुमान, लंका के घर-घर मा सीता ला खोजन लागे