रविवार, 16 अगस्त 2015

भूत मया के हे धरे (दोहा-ददरिया)

नायक
कहां जात हस आज तैं, करे बने सिंगार ।
कुछु कांही तो बोल ले, करके तैं उपकार ।।

नायिका
का मतलब तोला हवय, कर तैं अपने काम ।
जाना हे मोला जिहां, जाहूं ऊही धाम ।।

नायक
बोली ले महुहा झरे, सुन सुन नशा छाय ।
चंदा बानी चेहरा, रति हर देख लजाय ।।
थोरिक बिलम्ब ले इहां, जाबे तब संसार ।। कहां जात हस आज तैं......

 नायिका
बड नटखट बदमाश हस, रद्दा छेके मोर ।
काम बुता तैं छोड़ के, ठाड़े दांत निपोर ।।
चल हट रद्दा छोड़ दे, होत हवे रे घाम ।। का मतलब तोला हवय......

नायक
रद्दा छोड़े मैं खड़े, काबर दोश लगाय ।
अंतस अपने देख ले, कोन भला बिलमाय ।
तन धर के ठाड़े मया, तोरे रद्दा पार ।। कहां जात हस आज तैं......

नायिका
बइही  अस मोला लगय, सुन के तोरे गोठ ।
तैं दूरीहा मा खड़े, कोन धरे हे पोठ ।।
भूत मया के हे धरे, अब का होही राम ।। का मतलब तोला हवय......