बुधवार, 19 अगस्त 2015

नाग पंचमी

दूध ले गिलास भरे, हाथ मा पट्टी ला धरे,
नाग फोटु उकेर के, स्कूल जात लइका ।
फूल-पान ला चढ़ाये, नाग देवता मनाये ,
नरियर ला फोर के, रखे हवें सइता ।।
बारी-कोला खेत-खार, माटी दिया दूध डार,
भिमोरा ला खोज के, पूजे हवे किसाने ।
प्राणी प्राणी हर जीव, जेमा बिराजे हे षिव,
नाग हमर देवता, धरती के मिताने ।।

जांघ निगोट लपेट, धोती कुरता ला फेक,
बड़े पहलवान हा, देख तइयार हे ।
गांव मा खोजत हवे, चारो कोती घूम-घूम
लडे बर तो गांव मा, कोन होशियार हे ।
जांघ ला वो ठोक-ठोक, कहत हे घेरी-बेरी,
अतका जड़ गांव मा, लगथे सियार हे ।
आजा रे तैं जवान, आजा गा तैं किसान,
मलयुद्ध तो खेलबो, पंचमी तिहार हे ।।