शनिवार, 8 अगस्त 2015

बाबा बनहू

बेटा का बनबे बाढ़ के, पूछेंव एक बार ।
सोच समझ के तैं बता, कइसे होबे पार ।।
कइसे होबे पार, जगत के मझधारे ले ।
तन मन सुघ्घर होय, अपन चिंता मारे ले ।।
बेटा बने सियान, कहय गा छोड़ चपेटा ।
बाबा बन के नाम, कमाही तोरे बेटा ।।