मंगलवार, 1 सितंबर 2015

अइसन सुंदर तैं दिखे

जिंस पेंट फटकाय के, निकले जब तैं खोर ।
लिच लिच कनिहा हा करे, ऐ ओ गोरी तोर ।।

देख देख ये रेंगना, कउंवा करें न कांव ।
मुक्का होगे मंगसा, परे तोर जब छांव ।।

करिया बादर छाय हे, चेथी मा तो तोर ।
नील कमल हा हे खिले, तोरे आंखी कोर ।।

लाल फूल दसमत खिले, पा के तोरे ओट ।
नाजुक होगे गाल हा, केश करे जब चोट ।।

दूनो भौ के बीच मा, चंदा आय लुकाय ।
सुरूज अपन ओे रोशनी, तोरे मुॅह ले पाय ।।

अइसन सुंदर तैं दिखे, मिले नही उपमान ।
जेने उपमा ला धरॅंव, होथे तोरे अपमान ।।