शनिवार, 12 सितंबर 2015

नोनी के दाई अभी

नोनी के दाई अभी, गे हे मइके गाॅंव ।
मोरे बारा हाल हे, कोने हाल बताॅंव ।।

तीजा पोरा नेंग हा, अलहन लागे झार ।
चूल्हा चउका के बुता, देथे मोला मार ।।
भड़वा बरतन मांज के, अपन आंसू बोहाॅव । नोनी के दाई अभी...

कभू भात गिल्ला बनय, कभू जरय गा माढ़ ।
साग बनय ना तो कभू, झोरे लगय असाढ़ ।।
अपने मन ला मार के, अदर-कचर मैं खाॅंव । नोनी के दाई अभी...

बड़ सुन्ना घर-बार हे, चाबे भिथिया आज ।
अपने घर आने लागे, कहत आत हे लाज ।।
सांय-सांय अंतस करय, मन ला कहां लगांव । नोनी के दाई अभी...

कहूं होतीस मोर गा, कोनो बहिनी एक ।
तीजा हा मोला तभे, लागतीस गा नेक ।।
बिन बहिनी के ये दरद, काला आज बताॅंव । नोनी के दाई अभी...