मंगलवार, 15 सितंबर 2015

आजा मोरे अंगना, हे गणपति गणराज

आजा मोरे अंगना, हे गणपति गणराज ।
गाड़ा गाड़ा नेवता, तोला हे महराज ।।

भादो के महिना हवय, अउ अंजोरी पाख ।
तोर जनम दिन के बखत, दया मया ले ताख ।।
तोरे जस हम गात हन, सुन ले प्रभु आवाज । आजा मोरे अंगना...

तीन लोक चउदा भुवन, करे ज्ञान परकास ।
तही बुद्वि दाता हवस, हवे जगत ला आस ।
विघ्न हरण मंगल करण, कर दे पूरा काज । आजा मोरे अंगना...

नान नान लइका हमन, तोर चरण मा जाय ।
करबो पूजा आरती, मोदक भोग लगाय ।।
मूरख अज्ञानी हवन, रख दे हमरे लाज । आजा मोरे अंगना...

गली गली हर गांव मा, तोरे हे जयकार ।
मूषक वाहन साज के, सजा अपन दरबार ।।
अपन भगत के मान रख, होवय तोरे नाज । आजा मोरे अंगना...