गुरुवार, 3 सितंबर 2015

जय हो दाई खमरछठ

जय हो दाई खमरछठ, महिमा तोर अपार ।
लइका मन बर दे असिस, करत हवन गोहार ।।

तोरे सगरी पार मा, बइठे हाथे जोर ।
लइका के दाई सबो, पाव पखारत तोर ।।
रखबे दाई लाज ला, बन के तैं रखवार ।। जय हो दाई खमरछठ ....

तोर दया ले देवकी, पाय रहिस बलराम ।
उतरा पाये बेटवा, परीक्षीत हे नाम।।।।
तोरे दर मा आय हन, हमरो कोख सवार ।।
जय हो दाई खमरछठ.......

नागर रेंगे ना जिहां, ऊंहे के ले धान ।
भाजी पाला खाय के, राखे हन हम मान ।।
महुवा लाई अउ चना, जोरे हवन निमार ।। जय हो दाई खमरछठ ...

दूध दही ल भईस के, भर के महुवा पान ।
फुड़हर फूले हाथ ले, करत हवन यशगान ।।
भर दे हमरे पोतनी, दया मया तैं झार ।। जय हो दाई खमरछठ....

तोर दया के पोतनी, मारॅंव लइका पीठ ।
धन दौलत अउ यश मिलय, होय उमर के ढीठ ।।
गोरस के ओ लाज ला, राखय बने समार । जय हो दाई खमरछठ.......