मंगलवार, 8 सितंबर 2015

तीजा पोरा आत हे

तीजा पोरा आत हे, आही नोनी मोर ।
घर अंगना हा नाचही, नाचही गली खोर ।।

लइकापन मा खेल के, सगली भतली खेल ।
पुतरा पुतरी जोर के, करे रहिस ओ मेल ।।
ओखर दीया चूकिया, राखे हंव मैं जोर । तीजा पोरा आत हे....

जुन्ना जुन्ना फ्राक अउ, ओखर पेन किताब ।
धरे संदूक हेर के, बइठे करंव हिसाब ।।
आगू पाछू ओ करय, धर धोती के छोर । तीजा पोरा आत हे....

नार करेला बाढ़ के, होथे जस छतनार ।
कोरा के बेटी घलो, चल देथे ससुरार ।।
होय करेजा हा सगा, कहे करेजा मोर । तीजा पोरा आत हे....

दुनिया के ये रीत मा, बंधे हे संसार ।
नाचत गावत तो रहंय, लइका सबो हमार ।।
परब परब मा आय के, तृष्णा ला दैं टोर । तीजा पोरा आत हे....