शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2015

जय बोलव सतनाम के...

जय बोलव सतनाम के, जय जय जय सतनाम ।
जय हो घासीदास के, जय जय जय जतखाम ।।

सतगुरू अउ सतनाम के, करथे जेने जाप ।
छूट जथे हर बात के, ओखर तो संताप ।।
बाबा के सत मा बनय, बिगड़े तोरे काम । जय बोलव सतनाम के...

जीवन मा भर सादगी, झूठ लबारी छोड ।
लोभ मोह के बंधना, तिनका जइसे तोड़ ।।
बाबा के आदेश ला, धर के आठो याम । जय बोलव सतनाम के...

केवल पूजा पाठ ले, होय नही उद़धार ।
सत के रद्दा रेंग के, अपने करम सुधार ।।
एक करम तो सार हे, करत रहव सत काम । जय बोलव सतनाम के...