रविवार, 4 अक्तूबर 2015

अंखियन के बात हा

मोरे तैं मन मोहनी, आंखी पुतरी मोर।
मोरे तैं दिल जोंगनी, मोरे तैं अंजोर ।।

सुघ्घर सपना मोर तैं, आंखी काजर मोर ।
धड़कन दिल के तैं हवस, मोहन कस चित चोर ।।

धरे करेजा हाथ मा, जोहत रद्दा तोर ।
धक धक मोरे दिल करय, सुन पैरी के शोर ।।

छुईमुई बानी हवय, धनी चेहरा मोर ।
देखे के मन लालषा, तोपॅव अचरा छोर ।।

लकड़ी मा आगी बरे, आगी जभे लगाय ।
जोत मया के हे जले, जब हम नजर मिलाय ।।

अंखियन के बात हा, सिरतुन गजब सुहाय ।
नजर परे जब नजर ले, बैरी कोन हटाय ।।

बैरी कोनो ना जगत, बैरी तहीं कहाय ।
लुका-लुका तैं देखथस, जियरा मोर जलाय ।।

लोकलाज का जानबे, टूरा बन तैं आय ।
गहना मोरे लाज के, तोही ला तो भाय ।।