गुरुवार, 29 अक्तूबर 2015

दामाखेड़ा धाम मा...

दामाखेड़ा धाम मा, हे साहेब कबीर ।
ज्ञानी ध्यानी मन जिहां, बइठे बने फकीर ।।

सद्गुरू के वरदान ले, पाये ब्यालिस वंश ।
पंथ हुजुर साहेब मा, हे सद्गुरू के अंश ।।
सत्यनाम साहेब हा, तोड़य जग जंजीर । दामाखेड़ा धाम मा...

जानव अपने रूप ला, परे देह ले ठाढ़ ।
सत्यनाम साहेब वो, बात बने तैं काढ़ ।।
बात धरव सब ध्यान से, देह नही जागीर । दामाखेड़ा धाम मा...

मीठा अउ मीठास ला, सरगुन निरगुन मान ।
कोने काखर ले अलग, ध्यान लगा के जान ।।
मनखे के घट घट बसय, सत्यनाम बलबीर । दामाखेड़ा धाम मा..