मंगलवार, 3 नवंबर 2015

तोर मया ला पाय के

नायक-
अपने अचरा छोर मा, बांध मया के डोर।
लहर लहर जब ये करय, धड़कन जागय मोर ।।

नायिका- तोर मया के झूलना, झूलॅंव अंगना खोर ।
सपना आंखी हे बसे, देबे झन तैं टोर ।।
नायक-
फूल असन हाॅसी हवय, कोयल बानी गोठ ।
चंदा बानी मुॅह हवय, मया हवे बड़ पोठ ।।
दरस परय बर तोर मैं, तांकव बने चकोर । अपने अचरा छोर मा...

नायिका- तोर देह के छांव कस, रेंगॅंव संगे संग ।
छाय मया के जब घटा, दूनों एके रंग ।।
मोरे तन मन मा चढ़े, रंग मया के तोर ।। सपना आंखी हे बसे...

नायक-
तोर मोर सपना हवय, जस नदिया अउ कोर ।
छोर बिना नदिया कहां, नदिया बिन ना छोर ।।

नायिका लहर लहर अचरा करय, तोर बांह के छोर ।
तोर मया ला पाय के, होगे मोरे भोर ।।