गुरुवार, 19 नवंबर 2015

हे गुरूनानक देव के

हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास ।
अपन हाथ ला जोर के, करत हवंव अरदास ।

ओ तलवंडी गांव मा, बन आये भगवान ।
दाई तृप्ता हा रहिस, ददा रहिस कल्याण ।
सुघ्घर पावन दिन रहिस,कातिक पुन्नी मास । हे गुरूनानक देव के...

रहिस नानपन ले अलग, जगत मोह ले दूर ।
अपने मा खोये रहय, रहय अपन मा चूर ।।
पंडित मौली ले घला, करय प्रष्न ओ खास । हे गुरूनानक देव के...

गुरू नानक के काम मा, चमत्कार ला देख ।
जेने जानय तेन हा, लेवय माथा टेक ।।
करे फेर उपदेष हे, देत अपन आभास । हे गुरूनानक देव के...

गुरूनानक हा हे कहे, ढोंगी दुनिया देख ।
मनखे मनखे एक हे, देवता घला एक ।।
सिक्ख पंथ के नेह ला, रचे हवय जनवास । हे गुरूनानक देव के...