मंगलवार, 15 दिसंबर 2015

जब ले तोला पांय हव

जब ले तोला पांय हव, मया मरम जानेंव ।
जस जस बेरा हा बितय, अंतस मा लानेंव ।।

काल परी कस तै रहे, आज घला हस हूर ।
दमक रहय तब चेहरा, आज घला हे नूर ।।
हाड़ मास के का रखे, आत्मा ला जानेंव । जब ले तोला पांय हव

सुख के संगी सब रहिन, दुख मा तैं अकेल ।
छोड़े जब संसार हा, तैं हर रखे सकेल ।।
मया देह ले होय ना, आज बने जानेंव ।। जब ले तोला पांय हव

एक दुसर बर हम हवन, जोर सांस के डोर ।
तोर जीनगी मोर हे, मोर जीनगी तोर ।
सातो फेरा के मरम, मैं हर पहिचानेंव । जब ले तोला पांय हव