रविवार, 27 दिसंबर 2015

खनक खनक के हाथ मा

खनक खनक के हाथ मा, चूऱी बोले बोल ।
मोर मया के राज ला, जग मा देवय खोल ।।

चूरी मोरे हाथ के, हवय तोर पहिचान ।
रूप सजाये मोर तो, देवय कतका मान ।।
खनर खनर जब बोलथे, जियरा जाथे डोल  ।।खनक खनक के हाथ मा

लाली हरियर अउ पियर, रंग रंग के रंग ।
सबो रंग मा तो दिखय,  केवल तोरे संग ।।
तोर संग ला पाय के, हाथ बने बड़ बोल ।। खनक खनक के हाथ मा