मंगलवार, 29 दिसंबर 2015

छोड़व छोड़व गौटिया

छोड़व छोड़व गौटिया, बेजाकब्जा धाक।
गली खोर बन कोलकी, बस्ती राखे ढाक ।।

काली के गाड़ी रवन, पयडगरी हे आज ।
कते करे ले आय अब, घर डेहरी सुराज ।।
गाड़ी मोटर फटफटी, राखय कोने ताक । छोड़व छोड़व गौटिया

चरिया परिया गांव के, नदिया नरवा झार ।
रोवत कहरत घात हे, बेजाकब्जा टार ।।
कोन बचावय आज गा, तोर गांव के नाक । छोड़व छोड़व गौटिया

चवरा राखे डेहरी, सोचे ना नुकसान ।
का तोरे ये मान हे, का तोरे ये शान ।।
चक्कर दू आंगूर के, करे गांव ला खाक । छोड़व छोड़व गौटिया,