सोमवार, 14 दिसंबर 2015

गुरूवर घासी दास के

गुरूवर घासी दास के, अंतस धर संदेश ।
झूठ लबारी छोड़ के, सच सच बोल ‘रमेश‘ ।।
सच सच बोल ‘रमेश‘, आच सच ला ना आये ।
मनखे मनखे एक, बात गुरू बबा बताये ।
जहर-महूरा दारू, जुवा चित्ती हे फासी ।
अइसन चक्कर छोड़, कहे हे गुरूवर घासी ।।