सोमवार, 7 दिसंबर 2015

अपन ददा के आज तै

तोरे सेती जेन हा, सहे रात दिन घाम ।
अपन ददा के आज तै, रखे डोकरा नाम ।

जर मा पानी छींच के, तोला झाड़ बनाय ।
पथरा मा मूरत असन, तोला जेन सजाय ।।
आज ओखरे जीनगी, काबर हवे हराम । अपन ददा के आज तै...

बर पीपर के छांव बन, देखे घर परिवार ।
खून छींच के आज तक, रखे जेन सम्हार ।
काम बुता ले ओखरे, सकला गे हे चाम ।। अपन ददा के आज तै...

घूम घूम के खोज ले, ददे हे भगवान ।
ब्रम्हा कस ओ रचे, पाले बिष्णु समान ।।
अइसन पालन हार के, कर सेवा के काम । अपन ददा के आज तै...