सोमवार, 11 जनवरी 2016

हम छत्तीसगढि़या आन रे

हम छत्तीसगढि़या आन रे, छाती मा चढ़ जाबो ।
जेन हमर हक लूटय तेला, जुरमिल नगद ठठाबो ।।

सीधा-सादा बर हम सीधा, घर अॅगना तो ओखर ।
जम्मो दुनिया हा जाने हे, हमरे संगत चोखर ।
नंगरा बनय जेन हमर बर, हमू नंगरा बन जाबो ।।
जेन हमर हक लूटय तेला, जुरमिल नगद ठठाबो ।।


छत्तीसगढ़ी बोली भाखा, हमर करेजा-चानी।
कइसे कोनो कर लेही अब, इहां अपन मनमानी ।।
अपन आन-बान शान बर हम, जिनगी दांव लगाबो ।
जेन हमर हक लूटय तेला, जुरमिल नगद ठठाबो ।।

महानदी के निरमल पानी, जहर जेन हे घोरे ।
हमर चार तेंदु जबरदस्ती, आके जेने टोरे ।
अइसन बैरी के टोटा धर, गली गली घूमाबो ।
जेन हमर हक लूटय तेला, जुरमिल नगद ठठाबो ।।