मंगलवार, 26 जनवरी 2016

चमकत रेंगय टूरी

टाॅठ टाॅठ जिन्स पेंट पहिरे, अउ हल हल ले चूरी ।
बादर कस चुन्दी बगराये, चमकत रेंगय टूरी ।।

पुन्नी के चंदा कस मुहरन, गली गली देखाये ।
अपन देह के रूआब गोरी, डहर डहर बगराये ।
काजर आंजे आंखी कारी, टूरा मन बर छूरी ।
बादर कस चुन्दी बगराये, चमकत रेंगय टूरी ।।

तन के चुनरी पाछू टांगे, बेग हाथ लटकाये ।
गली गली हरहिंछा घूमे, कनिहा ला मटकाये ।
धरे जवानी बरखा आगे, छम छम नाचे मयूरी ।
बादर कस चुन्दी बगराये, चमकत रेंगय टूरी ।।

टाॅठ टाॅठ जिन्स पेंट पहिरे, अउ हल हल ले चूरी ।
बादर कस चुन्दी बगराये, चमकत रेंगय टूरी ।।