शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2016

मया मा मिले भगवान

भाखा तै अपन तोल । सोच समझ फेर बोल
एक गोठ करे घाव । दूसर जगाये चाव

कोयली के हे नाम । कउवा हवे बदनाम
करू कस्सा तैं छोड़ । मीठ ले नाता जोड़

गोठ सुन बैरी होय । संगी कहाये जोय
अनचिन्हार हे गांव । काबर तैं करे कांव

तैं गुरतुर बने बोल । अपने करेजा खोल
रूख राई घला तोर । बोले जब मया घोर

खोजे मया इंसान । मया म मिले भगवान
मया बनाये महान । मया बिन तै शैतान