रविवार, 15 मई 2016

टूरा बहिया भूतहा, नई हवस कुछु काम के

नायक -
गोदवाय हंव गोदना, गोरी तोरे नाम के ।
फूल बुटा बनवाय हंव, गोरी तोरे नाम के ।।

नायिका-
टूरा बहिया भूतहा, नई हवस कुछु काम के ।
खोर गिंजरा सेखिया, नई हवस कुछु काम के ।।

नायक-
तैं डारे हस मोहनी, मुखड़ा ला देखाय के ।
होगे तैं दिल जोगनी, दिल म मया जगाय के ।
तोर मया ला पाय बर, घूट पियें बदनाम  के ।
गोदवाय हंव गोदना, गोरी तोरे नाम के ।

नायिका-
रूप रंग ला तैं अपन, दरपन धर के देख ले ।
आधा चुन्दी ठेकला, गाल दिखे हे पेच ले ।
कोने तोला भाय हे, फूल कहे गुलफाम के ।
टूरा बहिया भूतहा, नई हवस कुछु काम के ।

नायक-
तोरे मुॅह ला देख के, चंदा लुकाय लाज मा ।
मुच मुच हॉसी तोर ओ, भगरे हे सब साज मा ।
तैं मोरे दिल मा बसे, जइसे राधा ष्याम के ।
गोदवाय हंव गोदना, गोरी तोरे नाम के ।

नायिका-
काबर तैं घूमत हवस, पढ़ई लिखई छोड़ के ।
आथस काबर ये गली, अइसन नाता जोर के ।
धरे मया के भूत हे, तोला मोरे नाम के ।
टूरा बहिया भूतहा, नई हवस कुछु काम के ।