सोमवार, 31 अक्तूबर 2016

हिन्दू के बैरी हिन्दू

हिन्दू ला हिन्दू होय म, आवत हवय लाज ।
हिन्दू के बैरी हिन्दू, काबर हवय आज ।।
सबो धरम दुनिया मा हे, कोनो करे न बैर ।
हिन्द ह हिन्दू के नो हय, कोन मनाय खैर ।।

सबो धरम  हा इहां बढ़य, हमला न विद्वेश ।
हमर मान ला रउन्द मत, आय हमरो देश ।।
हिन्दू कहब पाप लागय, अइसन हे समाज ।
दुनिया भर घूमत रहिके, नई बाचय लाज ।।