शुक्रवार, 11 नवंबर 2016

रिगबिग ले अँगना मा

हाँसत हे जीया, बारे दीया, रिगबिग ले अँगना मा ।
मिटय अंधियारी, हे उजियारी, रिगबिग ले अँगना मा ।।
गढ़ के रंगोली, नोनी भोली, कइसन के हाँसत हे ।
ले हाथ फटाका, फोर चटाका, लइका हा नाचत हे ।।