सोमवार, 21 नवंबर 2016

बिना मौत के मौत हा

बिना मौत के मौत हा
करथे समधी भेट

गोल सुरूज के चक्कर काटत
हवय ब्याकुल धरती
चन्दा चक्कर काटत हावे
कहां हवय गा झरती

चक्कर खावय जीव हा
येखर फसे चपेट

मांजे धोय म धोवावय नहि
भड़वा बरतन करिया
नवा-नवा चेंदरा आज के
दूसर दिन बर फरिया

घानी के बइला हमन
कहां भरे हे पेट

कभू आतंकी बैरी मारय
कभू रेलगाड़ी हा
कभू फीस अस्पताल के अउ
कभू डहे ताड़ी हा

काखर ले हम का कही
बंद पड़े हे नेट