शुक्रवार, 11 नवंबर 2016

जुन्ना नोट बंद होगे

सखी छंद (14 मात्रा के चार चरण दो पद पदांत 122)

जुन्ना नोट बंद होगे । नवा नोट बर सब भोगे
खड़े हवय बेंक दुवारी । जोहत सबो अपन बारी

हाथे मा नोट कहां हे । हमरे मन खोट कहां हे
बड़का नोट बंद होगे । छोटे नोट चंद होगे

कोनो हा दै न उधारी । मैं बोलव नहीं लबारी
नान-मून काम परे हे । साँय-साँय जेब करे हे

जतका हवय नोट जाली । हो जाही गा सब खाली
ओखर कुबड़ टूटही गा । करिया मरकी फूटही गा

कहूँ-कहूँ नोट बरे हे । कहूँ-कहूँ नोट सरे हे
कोनो फेकत  कचरा मा । कोनो गाड़े डबरा मा

आतंकी के धन कौड़ी । कामा लेही अब लौड़ी
रोवय सब चोर उचक्का । परे हवय अइसन धक्का

मान देश के करबो गा । अपने इज्जत गढ़बो गा
पीरा ला हम सहिबो गा । भारत माता कहिबो गा