रविवार, 5 मार्च 2017

जोगीरा सारा रारा

मउरे आमा ममहावय जब, नशा म झूमय साँझ ।
फाग गीत मा बाजा बाजे, ढोल नगाड़ा झाँझ ।।
जोगीरा सारा रारा ..
जोगीरा सारा रारा ..

सपटे सपटे नोनी देखय, मचलत हावे बाबू ।
कइसे गाल गुलाल मलवं मैं, दिल हावे बेकाबू ।
जोगीरा सारा रारा ..
जोगीरा सारा रारा ..

दाई ल बबा हा कहत हवय, डारत-डारत रंग ।
जिनगी मोर पहावत जावय, तोर मया के संग ।।
जोगीरा सारा रारा ..
जोगीरा सारा रारा ..

भइया-भौजी खेलत होरी, डारत रंग गुलाल ।
नंनद देखत सोचत हावय, कब होही जयमाल ।।
जोगीरा सारा रारा ..
जोगीरा सारा रारा ..

होली हे होली हे होली, धरव मया के रंग ।
प्रेम जवानी सब मा छाये, सबके एके ढंग ।।
जोगीरा सारा रारा ..
जोगीरा सारा रारा ..