बुधवार, 26 अप्रैल 2017

जिया म जगाये अनुराग (करमा गीत)

//करमा  गीत//

नयिका-
जमुना कछार कदम डार, छेड़े मया के राग
कान्हा मुरली बजा के, -2
तन-मन मोहनी डार, जिया म जगाये अनुराग

नायक-
बाजत गैरी बोलत पैरी, मेटे हे बैराग
राधा हँस मुस्का के-2
नैना म नैना डार, जिया म जगाये अनुराग

नायक-
छलछल जमुना के पानी जइसे बानी
आँखी तोरे छलकाये
बोली तोर गुरतुर गुरतुर अमरित
नैन मया उपजाये
तैं मया के पराग, मोर बंषी के राग
जोड़े अंतस के ताग, जिया म जगाये अनुराग

नायिका-
मया के हे मूरत, कान्हा तोरे सूरत
देखते मदन मर जाये
जस कमल के पाती, पानी रहय न थाती
मोह बिन मया सिरजाये
काम रखे न पाग, प्रीत के तही सुहाग
जगा के मोरे भाग, जिया म जगाये अनुराग

नयिका-
जमुना कछार कदम डार, छेड़े मया के राग
कान्हा मुरली बजा के -2
तन-मन मोहनी डार, जिया म जगाये अनुराग

नायक-
बाजत गैरी बोलत पैरी, मेटे हे बैराग
राधा हँस मुस्का के-2
नैना म नैना डार, जिया म जगाये अनुराग