बुधवार, 26 अप्रैल 2017

मैं भौरा होगेंव ओ.... (करमा गीत)

//करमा गीत//
नायक-
मैं भौरा होगेंव ओ....., मैं भौरा होगेंव न,
तोर मया ह फूलवा, मन भौरा होगेंव न
तोर मया ह फूलवा, मन भौरा होगेंव न ।

नायिका-
मैं चिरइया होगेंव गा...., मैं चिरइया होगेंव न,
तोर मया बदरवा, मैं चिरइया होगेंव न
तोर मया बदरवा, मैं चिरइया होगेंव न।

नायक-
फूल पतिया कस, गाल लाली-लाली...
ओठ जइसे मधुरस ले, भरे कोनो थारी
नायिका-
तोर बहिया पलना, झूलना कस लागे..
तोर मया के पुरवाही, तन-मन मा छागे

नायक-
मैं भौरा होगेंव ओ....., मैं भौरा होगेंव न,
तोर मया ह फूलवा, मन भौरा होगेंव न
तोर मया ह फूलवा, मन भौरा होगेंव न ।

नायिका-
मैं चिरइया होगेंव गा...., मैं चिरइया होगेंव न,
तोर मया बदरवा, मैं चिरइया होगेंव न
तोर मया बदरवा, मैं चिरइया होगेंव न।

नायक-
फूल कस ममहावय, मुच-मुच हाँसी ....
अरझ के रहि जाये, जीयरा करे फासी
नायिका-
तोर मया के रंग, बदरा कस लागे
देखे बर तोला रे, मन म पाखी जागे

नायक-
मैं भौरा होगेंव ओ....., मैं भौरा होगेंव न,
तोर मया ह फूलवा, मन भौरा होगेंव न
तोर मया ह फूलवा, मन भौरा होगेंव न ।

नायिका-
मैं चिरइया होगेंव गा...., मैं चिरइया होगेंव न,
तोर मया बदरवा, मैं चिरइया होगेंव न
तोर मया बदरवा, मैं चिरइया होगेंव न।

नायक-
जस चम्पा चमेली मोंगरा जुही गुलाब,
गोरी गमकत हे तोर तन के रूआब
नायिका-
आँखी के सपना मोर अंतस के आस
मन के देवता मोर मन के विश्वास

नायक-
मैं भौरा होगेंव ओ....., मैं भौरा होगेंव न,
तोर मया ह फूलवा, मन भौरा होगेंव न
तोर मया ह फूलवा, मन भौरा होगेंव न ।