ऐ गोरी मोर, पैरी तोर, रून छुन बाजे ना । सुन मयारू बोल, ढेना खोल, मनुवा नाचे ना । कजरारी नैन, गुरतुर बैन, जादू चलाय ना । चंदा बरन रूप, देखत हव चुप, दिल मा बसाय ना । गोरी तोर प्यार, मोर अधार, जिनगी ल जिये बर । ये जिनगी तोर, गोरी मोर, मया मा मरे बर । कइसन सताबे, कभू आबे, जिनगी गढ़े बर । करव इंतजार, सुन गोहार, तोही ल वरे बर । .............रमेश ......................
लघु कथा: क्या भूत होते हैं?-रमेश चौहान
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रामाधार के पोते चिंटू ने पहली बार ये सवाल रात के दस बजे पूछा। लाइट चली गई
थी। सुमित्रा रसोई में ढिबरी जला रही थी। बाहर बँसवारी में हवा चल…
1 हफ़्ते पहले