पीरा होथे देख के, टूरा मन ला आज । कतको टूरा गाँव के, मरय न एको लाज । मरय न एको लाज, छोड़ के पढ़ई-लिखई । मानय बड़का काम, मात्र हीरो कस दिखई ।। काटय ओला आज, एक फेशन के कीरा । पाछू हे हर बा...
आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति का संकट
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प्रस्तावना भारत की संस्कृति, संस्कार और परम्पराएँ हजारों वर्षों की तपस्या,
अनुभव और सामाजिक प्रयोगों का परिणाम हैं। इन्होंने केवल एक सभ्यता का निर्माण
नहीं...
4 दिन पहले