नवा सोच के नवा साल के बधाई (दुर्मिल सवैया) मनखे मनखे मन खोजत हे, दिन रात खुशी अपने मन के । कुछु कारण आवय तो अइसे, दुख मेटय जेन ह ये तन के । सब झंझट छोड़ मनावव गा, मिलके कुछु कांहि त...
लघुकथा : मेडल -डॉ. विनोद कुमार वर्मा
-
एक छह फीट ऊँचे गबरू जवान की नियुक्ति सब-इंसपेक्टर के पद पर
यातायात पुलिस में तीन बरस पहले हुई थी। उसकी सेना में भर्ती की तमाम कोशिशें
नाकाम हुई…
1 दिन पहले