बेजाकब्जा गाँव-गाँव, लगत हवय कोढ़ । अपन बिमारी रखे तोप, कमरा ला ओढ़ ।। अंधरा-भैरा साधु चोर, हवय एक रंग । बचही कइसे एक गाँव, दिखय नहीं ढंग ।। -रमेश चौहान
कहिनी:पानी हे अमोल -डोरेलाल कैवर्त
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“‘ बिन पानी नि हे जिनगानी* ” ए कहना सोलाआना सिरतोन आय । पानी के बिना जिनगी
जिए के कल्पना घलो नि करे जा सके ? हमन सबो जानत हांवन…
4 हफ़्ते पहले