दे ना दाई मोला, दे ना दाई मोला, एक सइकमा बासी, अउ अथान चटनी । संग गोंदली दे दे, दे दे लाले मिरचा, रांधे हस का दाई, खेड़हा -खोटनी ।। बासी खाके दाई, काम-बुता मा जाहूँ, जांगर टोर कमाके, दू पइसा लाहूँ । दू-दू पइसा सकेल, सिरतुन मा ओ दाई, ये छितका कुरिया ला, मैं महल बनाहूँ ।। -रमेश चौहान
रामेश्वर यात्रा
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रामेश्वर यात्रा
रामेश्वर यात्रा — तीर्थों की ओर
श्री शमी गणेश को प्रथम वंदन,
जो हैं नवागढ़ के माथे का चंदन।
रामेश्वर यात्रा का श्रीगणेश,
हमारे सहाय हों...
23 घंटे पहले