राम सीता राम सीता, राम सीता राम राम । श्याम राधा श्याम राधा, श्याम राधा श्याम श्याम ।। नाम येही जाप कर ले, मोर मनुवा बात मान । एक जग के सार येही, नाम येही सार जान ।। -रमेश चौहान
विभीषण की प्रासंगिकता मेरे दृष्टिकोण में-डॉ. अर्जुन दुबे
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विभीषण की प्रासंगिकता: “घर का भेदी” या सत्य का साहसी स्वर? भारतीय जनमानस
में एक कहावत बहुत प्रचलित है—“घर का भेदी लंका ढाहे।” यह कहावत प्रायः विभीषण
के संद...
1 हफ़्ते पहले