राम सीता राम सीता, राम सीता राम राम । श्याम राधा श्याम राधा, श्याम राधा श्याम श्याम ।। नाम येही जाप कर ले, मोर मनुवा बात मान । एक जग के सार येही, नाम येही सार जान ।। -रमेश चौहान
पुरु–उर्वशी संवाद:विरह में रचा जीवन-आदर्श उज्जवल उपाध्याय
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वाक्यों, विचार, भावुकता पर नेत्रों पर और सरलता पर, देवत्व तिरस्कृत कर उस
दिन उर्वशी मुग्ध थी नरता पर, अप्सरा स्वर्ग की, नारी बन पृथ्वी के दुख सुख
सहने ...
1 हफ़्ते पहले