धरे उदासी बोलय जमुना घाट । कती हवय अब छलिया तोरे बाट ।। नाग कालिया कई-कई ठन आज । मोरे पानी मा करत हवय राज ।। कहां लुका गे बासुरीवाला मोर । कहां लुका गे तैं मोहन चितचोर ।। घाट घठौंदा मोर भटत हे जात । काबर अब तैं इहां नई तो आत ।।
लघुकथा : मेडल -डॉ. विनोद कुमार वर्मा
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एक छह फीट ऊँचे गबरू जवान की नियुक्ति सब-इंसपेक्टर के पद पर
यातायात पुलिस में तीन बरस पहले हुई थी। उसकी सेना में भर्ती की तमाम कोशिशें
नाकाम हुई…
1 दिन पहले