SURTA ]- छत्तीसगढ़ी भाषा अउ छत्तीसगढ़ के धरोहर ल समर्पित

रमेशकुमार सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ी काव्यांजली:- सुरता rkdevendra.blogspot.com
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शिव-शिव शिव अस (डमरू घनाक्षरी)

डमरू घनाक्षरी (32 वर्ण लघु) सुनत-गुनत चुप, सहत-रहत गुप दुख मन न छुवत, दुखित रहय तन । बम-बम हर-हर, शिव चरण गहत, शिव-शिव शिव अस, जग दुख भर मन ...
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ड्रेगन नरियावत हे

ड्रेगन नरियावत हे

सस्ता मा समान बेच, लालच देखावत हे, हम बिसावत हन के, हमला बिसावत हे  हमरे पइसा के मोबाइल हवय हमरे हाथ मा ओही मोबाइल भीतर घुसर ड्रेगन नरियावत हे
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मजदूर काबर मजबूर हे

मजदूर काबर मजबूर हे

जांगर टोर-जेन हा, खून पसीना बहाये, ओही मनखे के संगी, नाम मजदूर हे । रिरि-रिरि दर-दर, दू पइसा पाये बर ओ भटका खायेबर, आज मजबूर हे । अपन गाँव ग...
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कोरोना

चित्र गुगल से सौजन्य एक अकेला आए जग मा,  एक अकेला जाबे । जइसे करनी तइसे भरनी, अपन करम गति पाबे ।। माटी होही तोरे चोला, मा...
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बुद्धिजीवी ज्ञान तोरे, आज बैरी कस खड़े

बुद्धिजीवी ज्ञान तोरे, आज बैरी कस खड़े

बुद्धिजीवी ज्ञान तोरे, आज बैरी कस खड़े । देश द्रोही साथ धर के, आज बैरी कस लड़े।। देश सबले तो बड़े हे, थोरको तैं नइ पढ़े । ज्ञान सब बेकार होथ...
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गजल- गाँव का कम हे शहर ले

गजल- गाँव का कम हे शहर ले (बहर-2122   2122) गाँव का कम हे शहर ले देख ले चारों डहर ले ऊँहा के सुविधा इँहो हे आँनलाइन के पहर ले हे गली प...
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मनखे होय म शक हे

नवगीत चाल-चलन ला तोरे देखे  मनखे होय म शक हे टंगिया के डर मा थर-थर काँपे धरती के रूख-राई कभू कान दे के सुने हवस रूख ...
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ताते-तात

शिव-शिव शिव अस (डमरू घनाक्षरी)

डमरू घनाक्षरी (32 वर्ण लघु) सुनत-गुनत चुप, सहत-रहत गुप दुख मन न छुवत, दुखित रहय तन । बम-बम हर-हर, शिव चरण गहत, शिव-शिव शिव अस, जग दुख भर मन ...

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