गुमान मन करथे, मैं हा हवँव चलायमान । स्वभाव काया के, का हे देखव तो मितान ।। बिना टुहुल-टाहल, काया हे मुरदा समान । जभेच तन ठलहा, मन हा तो घूमे जहाँन ।। जहान घूमे बर, मन हा तो देथे फरमान । चुपे बइठ काया, गोड़-हाथ ला अपन तान ।। निटोर देखत हस, कुछ तो अब अक्कल लगाव । विचार के देखव, ये काखर हावे स्वभाव ।।
रामेश्वर यात्रा
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रामेश्वर यात्रा
रामेश्वर यात्रा — तीर्थों की ओर
श्री शमी गणेश को प्रथम वंदन,
जो हैं नवागढ़ के माथे का चंदन।
रामेश्वर यात्रा का श्रीगणेश,
हमारे सहाय हों...
8 घंटे पहले