चुन्दी (कुण्डलियां) चुन्दी बगरे हे मुड़ी, जस कोनो फड़बाज। लम्बा-लम्बा ठाढ़ हे, जइसे के लठबाज ।। जइसे के लठबाज, तने हे ठाढ़े-ठाढ़े । कंघी के का काम, सरत हे माढ़े-माढ़े ।। मुसवा दे हे चान, खालहे ला जस बुन्दी । आज काल के बात, मुड़ी मा बगरे चुन्दी ।। -रमेश चौहान
रामेश्वर यात्रा
-
रामेश्वर यात्रा
रामेश्वर यात्रा — तीर्थों की ओर
श्री शमी गणेश को प्रथम वंदन,
जो हैं नवागढ़ के माथे का चंदन।
रामेश्वर यात्रा का श्रीगणेश,
हमारे सहाय हों...
8 घंटे पहले