दुवारी मा चौरा, चौरा म घर चातर होगे साकुर, अब धंधा के मर । मोरे गाँव मा मोरे गाँव मा, देखय कोन गाँव ला । मोरे गाँव मा गली ला छेके, मन भर के लइका खेले नई सकयं, अब बने तन के । मोरे गाँव मा मोरे गाँव मा, देखय कोन गाँव ला । मोरे गाँव मा खेत तीर परिया, परिया तीर खेत खेत खेते हवय, परिया ला तो देख । मोरे गाँव मा मोरे गाँव मा, देखय कोन गाँव ला । मोरे गाँव मा नदिया के पीरा, सुनय अब कोन नदिया के पैरी, काबर होगे मोन । मोरे गाँव मा मोरे गाँव मा, देखय कोन गाँव ला । मोरे गाँव मा बस्ती मा तरिया, तरिया मा बस्ती लइका तउरय कहाँ, अब अपने मस्ती । मोरे गाँव मा मोरे गाँव मा, देखय कोन गाँव ला । मोरे गाँव मा गाय बर चरिया, चरिया बर गाय कोठा होगे सुन्ना, बछरू नई नरियाय । मोरे गाँव मा मोरे गाँव मा, देखय कोन गाँव ला । मोरे गाँव मा -रमेश चौहान
लघु कथा: क्या भूत होते हैं?-रमेश चौहान
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रामाधार के पोते चिंटू ने पहली बार ये सवाल रात के दस बजे पूछा। लाइट चली गई
थी। सुमित्रा रसोई में ढिबरी जला रही थी। बाहर बँसवारी में हवा चल…
3 दिन पहले