पइसे के पाछू कभू, बइहा झन तो होव । चलय हमर परिवार हा, अतका धाने बोव । अतका धाने, बोव सबो झन, भूख मरी मत । पइसा पाछू, होके बइहा, हम अति करि मत ।। दुनिया ले तो, हमला जाना, नगरा जइसे । आखिर बेरा, काम न आवय, तोरे पइसे ।।
लघु कथा: क्या भूत होते हैं?-रमेश चौहान
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रामाधार के पोते चिंटू ने पहली बार ये सवाल रात के दस बजे पूछा। लाइट चली गई
थी। सुमित्रा रसोई में ढिबरी जला रही थी। बाहर बँसवारी में हवा चल…
2 हफ़्ते पहले